Tuesday, 6 March 2012

पत्रिका नञि किनै छी / मैथिली गीत


पत्रिका नै किनै छी


पत्रिका  नञि  किनै   छी 



पत्रिका  नञि  किनै   छी ।
अखबार   नञि  पढ़ै  छी ।
बुझिए  कऽ  हम  की करबै,
समाचार  नञि  सुनै छी ।।



दूर   कियो   भोंपू   सँ, 
बेर  -  बेर    चिकरैए ।
सत्य   अहिंसाक  मन्त्र,
हमरे - टा    सिखबैए ।

कथनी   आ  करनी   मे,
सरोकार  नञि देखै छी ।।



फुइट   गेल   तमघैल,
छुतहर   ने   फूटल ।
फूल  उपटि गेल, मुदा 
काँट   गेल  चतरल ।

दूर,   बहुत  दूर  धरि,
अन्हार -  टा देखै छी ।।



बगुलाक  आँखि देखल,
कौआक  पाँखि देखल ।
साँपक गरा मे अँटकल,
बेंगोक   देह   देखल ।

भादोक  बेंग  सँ   हम, 
अधिकार नञि मँगै छी ।।



सभतरि  देवाल   पाइक,
सभतरि   सवाल  पाइक ।
सभ  ठाम  पाइक बरखा,
सभ ठाम अकाल पाइक ।

पाइक     बियाधि    केर,
कोनो उपचार नञि देखै छी ।।





( प्रकाशित : समय -साल / मइ - जून २०११ )





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